डेली टीवी, जालंधर। नगर निगम में मुलाजिमों की हड़ताल के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। तहबाजारी ब्रांच में प्राइवेट कंपनी को स्ट्रीट वेंडरों से फीस वसूली का काम देने के फैसले के विरोध में मुलाजिमों ने काम ठप कर दिया था।
इसके बाद निगम ने रातों-रात सुपरिंटेंडेंट समेत 21 कर्मचारियों का तबादला कर दिया, जबकि अगले दिन 6 और मुलाजिमों को ट्रांसफर कर दिया गया।

हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। मुलाजिमों ने ट्रक और जेसीबी खड़ी कर निगम दफ्तर के रास्ते बंद कर दिए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नक्शे पास कराने, बर्थ-डेथ सर्टिफिकेट और पानी-सीवर की शिकायतों के काम पूरी तरह ठप रहे। मेयर वनीत धीर ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर विचार किया जाएगा, लेकिन भ्रष्टाचार और कामकाज में रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगम अब तहबाजारी सिस्टम को प्राइवेट एजेंसी को सौंपकर रेवेन्यू बढ़ाने की तैयारी में है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में 2 करोड़ की आय के मुकाबले 5 करोड़ का खर्च आ रहा है।
वहीं मुलाजिम संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है। 24 अप्रैल को भी 2 घंटे धरना और सफाई सेवाएं बंद रखने की चेतावनी दी गई है, जिससे शहर में हालात और बिगड़ सकते हैं।










