पीड़ित का आरोप-इलाज के नाम पर गरीबों से दगाबाज़ी, सरकारी अस्पताल से सीधा श्री राम हॉस्पिटल भेजे जा रहे मरीज! जालंधर शहर से स्वास्थ्य सुविधाओं और निजी अस्पतालों की संवेदनहीनता को उजागर करने वाला एक बेहद शर्मानाक मामला सामने आया है। सरकारी सहायता की आस में सिविल अस्पताल पहुंचे एक गरीब परिवार को ‘श्री राम हॉस्पिटल’ के जाल में फंसा दिया गया। मामला सिर्फ भारी-भरकम बिल वसूलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इलाज के नाम पर भर्ती 18 साल की टीबी पीड़िता बच्ची के साथ मारपीट और उसकी लाचार मां के साथ डॉक्टरों द्वारा बदसलूकी व गाली-गलौज करने का संगीन आरोप लगा है। सिविल अस्पताल से प्राइवेट का रास्ता: ‘कमीशन का खेल’? मकसूदां मंडी निवासी पीड़ित महिला ने रोते बिलखते हुए बताया कि उसकी 18 वर्षीय बेटी ‘प्रीति’ को टीबी की गंभीर शिकायत