डेली टीवी, चंडीगढ़/लुधियाना/बरनाला। ट्राइडेंट लिमिटेड और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच चल रहा विवाद अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

ट्राइडेंट लिमिटेड ने बोर्ड की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा कि 30 अप्रैल की शाम 30 सदस्यीय टीम का निरीक्षण सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि दबाव बनाने की कोशिश थी।
कंपनी का दावा है कि 7 और 13 अप्रैल तक उसके पास सभी जरूरी अनुमतियां थीं और हालिया निरीक्षणों में अनुपालन भी संतोषजनक पाया गया था, जिससे अचानक की गई कार्रवाई पर सवाल उठते हैं।
कंपनी, जो सांसद राजिंदर गुप्ता से जुड़ी है, ने अदालत से मांग की है कि केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम से निष्पक्ष जांच कराई जाए और सैंपलों की जांच पंजाब से बाहर किसी स्वतंत्र लैब में करवाई जाए।
साथ ही बिना सुनवाई किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील भी की गई है।
वहीं पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल एक नियमित निरीक्षण था। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि कंपनी के खिलाफ अब तक कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया गया है और इस आधार पर याचिका समय से पहले दायर की गई है।
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जो आगे की कार्रवाई और इस विवाद की दिशा तय करेगा।










