डेली टीवी, जालंधर। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने गोल्डी बराड़ गिरोह का नाम लेकर ₹2 करोड़ की फिरौती मांगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जालंधर ग्रामीण स. हरविंदर सिंह विरक, पीपीएस के दिशा-निर्देशों पर समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

पुलिस अधीक्षक (तफ्तीश) विनीत अहलावत, आईपीएस की अगुवाई में गठित विशेष टीम, जिसमें डीएसपी ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी इंदरजीत सिंह, सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर पुष्प बाली और एसएचओ सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह शामिल थे, ने आधुनिक तकनीकी और मानवीय संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों को ट्रेस किया।
मामला 21 मार्च 2026 को सामने आया, जब गांव शंकर निवासी एनआरआई परिवार की बलजिंदर कौर ने शिकायत दी कि 12 जनवरी 2026 की रात उनके पति को विदेशी नंबर से कॉल कर खुद को गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़ा बताते हुए ₹2 करोड़ की मांग की गई।
10 दिन में रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। बाद में उनके बेटे रणजीत सिंह, जो विदेश में रहते हैं, को भी व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए ₹1.5 करोड़ की मांग कर घर पर गोलीबारी की धमकी दी गई।
जांच में सामने आया कि इस साजिश के पीछे परिवार का ही ससुराल पक्ष से रिश्तेदार तीरथ सिंह (निवासी बहादुरपुर, जालंधर) और उसके साथी जशनदीप सिंह उर्फ जशन (निवासी धर्मकोट, जिला शहीद भगत सिंह नगर) शामिल थे। तीरथ सिंह, जो कनाडा में ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता है, फरवरी में भारत आया और अंदरूनी जानकारी के आधार पर फिरौती की योजना बनाई। जशनदीप ने अंतरराष्ट्रीय e-SIM लेकर घर से ही कॉल और संदेश भेजे।
पुलिस ने मुकदमा नंबर 53 दिनांक 21.03.2026, धारा 308(5), 3(5) बीएनएस के तहत थाना सदर नकोदर में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब उन्हें न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि नेटवर्क और संभावित अन्य साथियों की गहन जांच की जा सके।
जालंधर ग्रामीण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गैंगस्टर का नाम लेकर लोगों को डराने और फिरौती मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










