बहुचर्चित किडनी कांड: सेशन कोर्ट में ‘विटनेस विंडो’ खोलने की अपील, चुप्पी भी सवालों के घेरे में

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

डेली टीवी, जालंधर। जालंधर के बहुचर्चित किडनी ट्रांसप्लांट मामले में नया मोड़ सामने आया है। करीब 11 साल पुराने इस केस में पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने माननीय सेशन कोर्ट में ‘विटनेस विंडो’ दोबारा खोलने के लिए अपील दायर की है। इससे आरोपी डॉक्टर—डॉ. राजेश अग्रवाल और डॉ. संजय मित्तल—की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इससे पहले अदालत द्वारा गवाहों की विंडो बंद कर दी गई थी।मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, 2015 में किडनी कांड सामने आने पर DRME के सुपरिंटेंडेंट सौदागर चंद ने पुलिस को बयान दिया था कि कई किडनी ट्रांसप्लांट बिना NOC के किए गए। इ

सी आधार पर उस समय संबंधित डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द हुए थे। DRME ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़े मामलों की रेगुलेटरी बॉडी है।

अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब TOHO एक्ट के तहत कथित उल्लंघन सामने आए थे, तो उन्हीं डॉक्टरों को दोबारा किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस कैसे जारी कर दिया गया?

पुलिस चालान में नाम होने के बावजूद सौदागर चंद की गवाही अब तक कोर्ट में दर्ज नहीं हो सकी, जिससे केस की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज होते हैं, तो मामले की दिशा बदल सकती है।

सेशन कोर्ट में दायर इस नई अपील से अब उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से लंबित गवाहियों को अदालत में सुना जाएगा और सच्चाई सामने आएगी।

Aditya Bhatt
Author: Aditya Bhatt

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

बड़ी खबर: महिला ने नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के लगाए थे आरोप, काहनपुर के सरपंच पर FIR दर्ज SP PBI की जांच और जिला अटॉर्नी की कानूनी राय के बाद मकसूदां थाने में BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज; SSP ने दिए जांच के आदेश

बड़ी खबर: महिला ने नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के लगाए थे आरोप, काहनपुर के सरपंच पर FIR दर्ज SP PBI की जांच और जिला अटॉर्नी की कानूनी राय के बाद मकसूदां थाने में BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज; SSP ने दिए जांच के आदेश