डेली टीवी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक ही दिन में दो बड़े फैसले लेकर राजनीतिक और शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। एक ओर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूर कर लिया है, वहीं NEET 2026 पेपर लीक विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अपने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें से कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है।
रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा उनकी राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद तय माना जा रहा था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा उन्हें जल्द ही पंजाब में कोई बड़ी संगठनात्मक या राजनीतिक जिम्मेदारी सौंप सकती है। साथ ही इस घटनाक्रम के बाद मोदी कैबिनेट में संभावित फेरबदल और नए चेहरों की एंट्री की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
वहीं, NEET पेपर लीक विवाद के बाद NTA में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया गया है। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू किए जाएंगे। माना जा रहा है कि आने वाले समय में NTA की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
पिछले दो महीनों से शिक्षा मंत्रालय लगातार विवादों में रहा है। पहले CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर सवाल उठे और फिर NEET-UG पेपर लीक मामले ने देशभर में छात्र आंदोलन को जन्म दिया। विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है।
गौरतलब है कि 2024 में भी NEET और UGC-NET पेपर लीक विवाद के बाद तत्कालीन NTA महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को पद से हटाया गया था। अब 2026 में हुई यह कार्रवाई एजेंसी में सबसे बड़े प्रशासनिक बदलावों में से एक मानी जा रही है।










