डेली टीवी, नई दिल्ली। Supreme Court of India ने स्पष्ट किया है कि हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाने पर व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) का संवैधानिक दर्जा खो देता है। अदालत ने Andhra Pradesh High Court के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत यह प्रावधान स्पष्ट है।

मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था, जिसने ईसाई धर्म अपनाने के बाद Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989 के तहत केस दर्ज कराया था।
कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद वह एससी श्रेणी के लाभ का पात्र नहीं रह जाता।यह निर्णय धर्मांतरण और आरक्षण नीति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










