डेली टीवी, नई दिल्ली/मुंबई। वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारतीय रुपये ने बड़ी गिरावट से उबरते हुए मजबूत वापसी की है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 151 पैसे उछलकर 93.19 के स्तर पर पहुंच गया।

यह तेजी मुख्य रूप से Reserve Bank of India (RBI) द्वारा बैंकों की ‘नेट ओपन पोजीशन’ सीमित करने के फैसले के बाद देखने को मिली। केंद्रीय बैंक ने 27 मार्च 2026 को जारी सर्कुलर में बैंकों के लिए यह सीमा 10 करोड़ डॉलर तय की है, जिससे मुद्रा बाजार में स्थिरता लाने का प्रयास किया गया है।
इससे पहले रुपया 94.84 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था और 95 का स्तर भी पार कर गया था। हालांकि, राहत के बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं। वैश्विक तेल बेंचमार्क Brent Crude 106.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ने की आशंका है।
शेयर बाजार में भी भारी दबाव देखा गया। BSE Sensex 1,312 अंक गिरकर 71,821 पर और Nifty 50 410 अंक लुढ़ककर 22,383 पर आ गया।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि मार्च में जीएसटी संग्रह 2 लाख करोड़ रुपये पार करना अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन रुपये की आगे की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी।










