डेली टीवी, जालंधर। शहर की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Ashok Mittal और Harbhajan Singh के सक्रिय होने से जालंधर एक अहम सियासी केंद्र बनता जा रहा है। पहली बार शहर से दो राज्यसभा सांसद मिलने के बाद वेस्ट, सेंट्रल, कैंट और नॉर्थ हलकों में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

Ashok Mittal, जो पहले Aam Aadmi Party में किंगमेकर की भूमिका में थे, अब Bharatiya Janata Party के नए पावर सेंटर के रूप में उभर रहे हैं। नगर निगम और उपचुनाव में उनकी भूमिका पहले भी अहम रही है, और अब उनके बीजेपी में आने से पार्टी को फंडिंग, व्यापारिक वर्ग और शहरी वोट बैंक में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि Enforcement Directorate की कार्रवाई के बाद सियासी घटनाक्रम तेजी से बदला। वहीं, मित्तल के करीबी चेहरों—जैसे मेयर वनीत धीर और नितिन कोहली—पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे सेंट्रल और वेस्ट में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
दूसरी ओर, Harbhajan Singh को Punjab Cricket Association में बड़ी भूमिका न मिलने की चर्चा है, जबकि उन्हें Board of Control for Cricket in India में जिम्मेदारी मिलने की अटकलें हैं। उनका साथ बीजेपी को युवाओं और सिख वोट बैंक में मजबूती दे सकता है।
कुल मिलाकर, जालंधर की सियासत में हलचल तेज हो गई है और आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।










