डेली टीवी, जालंधर। जालंधर के माहला गांव स्थित प्राचीन और आस्था के प्रमुख केंद्र गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की गंभीर घटना सामने आने से पूरे इलाके में तनाव और गुस्से का माहौल बन गया है। गांव निवासी जसप्रीत कौर के अनुसार, वह शाम करीब पांच बजे गुरुद्वारा साहिब पहुंचीं, उस समय भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते उन्होंने बाहर से ही माथा टेककर घर लौट गईं।

करीब एक घंटे बाद, शाम छह बजे के आसपास, ग्रामीणों को फोन के जरिए गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की घटना की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में संगत और गांववासी गुरुद्वारा साहिब पहुंचे, जहां देखा गया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंग फाड़कर फेंके गए थे। इस अमानवीय कृत्य से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहरे रूप से आहत हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गुरुद्वारा परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद घटना के समय वे कार्यरत नहीं थे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि यह गांव का सबसे पुराना गुरुद्वारा साहिब है, लेकिन यहां किसी स्थायी ग्रंथी सिंह की नियुक्ति नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएसपी फिल्लौर और एसएचओ गोराया मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और हर एंगल से जांच जारी है।
गांव की सरपंच बलविंदर कौर ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।










